Follow by Email

गुरुवार, 13 अगस्त 2015

भोपाल में वल्र्ड फोटोग्राफी डे पर चित्र प्रदर्शनी 18 से




भोपाल। हम रोज अखबार में किसी न किसी फोटो को देख खबर की वास्तविकता का अंदाजा लगाते हैं, लेकिन उस फोटो को खींचने के लिए एक फोटोग्राफर को कितनी मशक्कत करने पड़ती है। हर फोटो के पीछे क्या कहानी होती है। यह सिर्फ फोटोग्राफर ही जानता है। यह बात अप्सरा रेस्टोरेंट में हुई एक पत्रकार वार्ता में मप्र फोटो जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ने कही।

वल्र्ड फोटोग्राफी डे पर एग्जीबिशन का आयोजन
वहीं इस अवसर पर उन्होंने बताया कि 18 और 19 अगस्त को वल्र्ड फोटोग्राफी डे के अवसर पर एक प्रदर्शनी का आयोजन मप्र फोटोजर्नलिस्ट वेलफेयर समिति द्वारा आंचलिक विज्ञान केन्द्र में किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भोपाल के अखबारों में काम करने वाले फोटो जर्नलिस्ट अपनी कुछ चुनिंदा फोटो को प्रदर्शित कर सकते हैं। इस एग्जीबिशन में भाग लेने वाले फोटो जर्नलिस्ट को प्रदर्शनी के समापन अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। वहीं पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए 10 फोटोग्राफर और 5 वीडियोग्राफर को फोटो रत्न अवार्ड से भी सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर सभी को शाल, श्रीफल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा।

फोटोग्राफर करता है समाज को जागरुक
वहीं संस्था के सचिव शमीम खान ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य राजधानी वासियों को फोटो पत्रकारों की वास्तविकता से परिचित कराना है। वहीं संयोजक विवेक पटेरिया ने बताया कि यह आयोजन फोटोग्राफर को उनके पेशे के प्रति जागरुक कराने के लिए है, ताकि  वे यह जान सकें कि उनके द्वारा किए गए कार्यों के कारण ही समाज में जागरुकता फैलती है। इस अवसर पर शिवनारायण मीना, अशरफ अली, रविन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अमित भारद्वाज, तबरेज खान, ताजनूर खान,  और आशीष श्रीवास्तव सभी प्रमुख समाचार पत्रों के फोटोग्राफर उपस्थित थे।

रविवार, 19 जुलाई 2015

शार्ट फिल्मों का जादूगर - रतीराम कैमया


राजधानी में 1988 से अब तक बना चुके हैं कई फिल्में

- राजकुमार सोनी



 भोपाल। राजधानी में जहां बड़े-बड़े नामी-गिरामी फिल्म निर्माता व डायरेक्टर कई फिल्मों व सीरियल की शूटिंग कर रहे हैं वहीं साधारण परिवार में जन्म लेने सामान्य कद-काठी सा दिखने वाले इस इंसान को देखकर ऐसा नहीं लगता कि राजधानी में दर्जनों शॉर्ट फिल्में, भोजपुरी व हिन्दी फिल्में बनाई होंगी। ऐसे शख्स का नाम है - रतीराम कैमया। रतिराम कैमया अपने खुद के प्रॉडक्शन हाउस 'कृष्णा ओ कृष्णा आर्टसÓ के बैनर तले फिल्में, सीरियल बनाते हैं जो प्रदेश से लेकर बॉडीवुड तक चर्चाओं में हैं।

1988 से आए फिल्मों में
कैमया ने अभिनय की दुनिया में 1988 से कदम रखा। उन्होंने पहली फिल्म 'असली एनकाउंटरÓ में बतौर एक्टर काम किया। यह फिल्म निर्माता सुरजीत सबरवाल द्वारा डीबीसी फिल्म के बैनर तले बनी थी। बाद में रतिराम ने सुरजीत सबरवाल से स्क्रीन राइटिंग, प्ले निर्देशन व एक्टिंग का काम सीखा। बाद में 1993 में मप्र की टीम को लेकर कृष्णा ओ कृष्णा (फिल्म) आटर्स नामक संस्था का गठन किया। 1994 में इसी बैनर तले पहली पहली फिल्म 'आभासÓ का निर्माण किया जो 25 मिनट की थी। फिल्म का निर्देशन रामप्रसाद शर्मा ने किया। जबकि मुख्य कलाकार राजेंद्र श्रीवास्तव, अभिनेत्री अनीजा केशवान, पिता की भूमिका रतिराम कैमया ने निभाई। इसमें लगभग आधा दर्जन स्थानीय कलाकारों ने भूमिका निभाई।

भोजपुरी लोकगीतों की ओर रुख
रतिराम कैमया ने 2006-7 में भोजपुरी लोकगीतों की तरफ रुख किया जिसमें पहला एलबम 'उड़ल गोरी के लहंगाÓ बाजार में आया। इसमें सह निर्देशक व कलाकार के रूप में साधू , फकीर व एक किसान की भूमिका का अभिनय किया गया। 2007-08 में 'कॉलेज जा ली गोरियाÓ में डॉक्टर व डाकिया की भूमिका निभाई। इसी तरह 2008-09 में तीसरा एलबम 'हाजीपुर के केराÓ व 2009-10 में 'आवा भौजी डालब तह पे रंगÓ आया। यह एलबम होली के 8 गानों पर आधारित है। दोनों एलबम के गायक व संगीतकार मोहम्मद रहीमउद्दीन हैं। इसी कड़ी में 2011 में फिल्म फेस्टीवल हेतु 20 मिनट की हिन्दी फिल्म 'चाहते जोÓ भोपाल में निर्माण की गई, साथ ही 2012 में फिल्मी चक्कर 25 मिनट की फिल्म फेस्टीवल में दी गई। इन फिळ्मों को मप्र के फिल्म फेस्टीवल में अवार्ड से सम्मानित किया गया।  वर्ष 2014 में दो मिनट की डंकिंग ड्राइव पर एक एड फिल्म का निर्माण किया गया जो प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए भेजी गई है।

शीघ्र आएगा एलबम
कृष्णा ओ कृष्णा प्रॉडक्शन के बैनर तले शीघ्र ही पांचवां एलबम 'बेटी कैसे होई शादीÓ (सात भोजपुरी लोकगीत) आएगा। जिसकी शूटिंग भोपाल व आसपास के चुनिंदा इलाकों में होगी। इसके बाद दो घंटे की एक फिल्म 'अभी प्यार बाकी हैÓ (लव स्टोरी व मारधाड़) पर आधारित है का निर्माण 2016 में किया जाएगा। इसके लिए हीरो-हीरोइन की तलाश की जा रही है।

शार्ट फिल्मों की मांग ज्यादा
बाडीवुड-हॉलीवुड में अब शार्ट फिल्मों की डिमांड ज्यादा होने लगी है। सोशल मीडिया के तहत फेसबुक, यू-ट्यूब, पिकासा, ट्यीटर आदि साइटों पर प्रचलन तेजी से बढऩे से हर कोई इसी पर लाइक कर रहा है। कैमया ने बताया कि शार्ट फिल्में 2 से 15 मिनट तक की बनाई जा रही हैं जो सामाजिक बुराइयों, रूढि़वादी परंपराओं, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, समाज में बदलाव लाने व गरीबी, नशा से मुक्ति दिलाने जैसे विषयों को प्राथमिकता से लिया जा जाता है। हर बेटा-बेटी शिक्षित होकर आगे बढ़े ऐसी शार्ट फिल्मों को खूब पसंद किया जा रहा है।

Ratiram kemya

गुरुवार, 22 जनवरी 2015

मप्र के राज्यपाल रामनरेश यादव से पत्रकार प्रवीण श्रीवास्तव व राजकुमार सोनी की सौजन्य भेंट



भोपाल। मिशन फॉर मदर के संचालक प्रवीण श्रीवास्तव व पत्रकार राजकुमार सोनी ने 22 जनवरी को दोपहर 12 बजे मप्र के राज्यपाल रामनरेश यादव से राजभवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल को मां कविता संग्रह व तस्वीर भेंट की गई। राज्यपाल रामनरेश यादव ने मिशन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए मिशन के उज्जवल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने अपने माता-पिता के रोच संस्मरण भी सुनाए।




शुक्रवार, 28 मार्च 2014

सूर्य व शुक्र बनवाएंगे मोदी को पीएम





प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने के लिए महिला शक्ति होगी मददगार

- राजकुमार सोनी

मई में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर सत्तासीन होंगे। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने में किसी खास महिला का योगदान होगा। ऐसा योग सूर्य व शुक्र ग्रह से बन रहा है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के ज्योतिषीय आकलन दृष्टिकोण से मप्र के प्रमुख भविष्यवक्ताओं व ज्योतिषियों से अबकी बार किसकी सरकार और कौन बनेगा प्रधानमंत्री के बारे में बात की। इन प्रकांड विद्वानों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक सीटें हासिल होंगी और एनडीए की सरकार के मुखिया इस बार लालकृष्ण आडवाणी की बजाय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी।

इंदौर के लालकिताब विशेषज्ञ एवं भविष्यवक्ता पं. आशीष शुक्ला के अनुसार शनि शत्रु राशि में होकर चतुर्थ पर पूर्ण दृष्टि रखने से जनता के बीच प्रसिद्ध बना रहा है। भारत की अधिकांश जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है। दशमेश बुध एकादशेश के साथ है। दशमेश सूर्य, केतु से भी युक्त है। सूर्य का महादशा में लग्नेश मंगल का अन्तर चल रहा है जो दशमेश होकर लाभ भाव में व मंगल स्वराशि का होकर लग्न में है। यह समय भाजपा को उत्थान की ओर लेजाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बन जाएंगे। पं. शुक्ल ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी का योग प्रधानमंत्री बनने का नहीं है।
सागर के ज्योतिषाचार्य एवं अंक शास्त्री पं. पीएन भट्ट के अनुसार नरेन्द्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक है। शनि की साढ़े साती का प्रथम चरण चल रहा है। राजभवन में विराजे शुक्र में पराक्रमेश शनि की अन्तर्दशा में गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 02.12.2005 को शुक्र की महादशा के बाद राज्येश सूर्य की महादशा जो 03.02.2011 तक चली। तत्पश्चात् 03.02.2011 से भाग्येश चन्द्र की महादशा का शुभारम्भ हुआ। ज्योतिष ग्रंथों में वर्णित है कि एक तो भाग्येश की महादशा जीवन में आती नहीं है और यदि आ जाए तो जातक रंक से राजा तथा राजा से महाराजा बनता है।  मोदी भाग्येश की महादशा में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बन सकते हैं, किन्तु चन्द्रमा में राहु की अन्र्तदशा ग्रहण योग बना रही है तथा 20 अप्रैल से 20 जुलाई 2014 के मध्य व्ययेश शुक्र की प्रत्यन्तर दशा कहीं प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के प्रबल योग को ण न कर दें? यद्यपि योगनी की महादशा संकटा में सिद्धा की अन्तर्दशा तथा वर्ष कुण्डली में वर्ष लग्न जन्म लग्न का मारक भवन (द्वितीय) होते हुए भी मुंथा पराक्रम भवन में बैठी है तथा मुंथेश शनि अपनी उच्च राशि का होकर लाभ भवन में विराजमान है। जो अपनी तेजस्वीयता से जातक को 7 रेसकोर्स तक पहुंचा सकता है। किन्तु एक अवरोध फिर भी शेष है और वह है सर्वाष्टक वर्ग के राज्य भवन में लालकृष्ण आडवानी और राहुल गांधी की तुलना में कम शुभ अंक अर्थात् 27.  साथ ही ''मूसल योग'' जातक को दुराग्रही बना रहा है तथा केमद्रुम योग, जो चन्द्रमा के द्वितीय और द्वादश में कोई ग्रह न होने के कारण बन रहा है। उसका फल भी शुभ कर्मों के फल प्राप्ति में बाधा। वर्तमान में भाग्येश चन्द्रमा की महादशा चल रही है, जो दिल्ली के तख्ते ताऊस पर  मोदी की ताजपोशी कर तो सकती है किन्तु केमद्रुम योग तथा ग्रहण योग इसमें संशय व्यक्त करता नजर आ रहा है? 
ग्वालियर के भविष्यवक्ता पं. एचसी जैन ने बताया कि नरेंद्र मोदी की कुंडली में केन्द्र का स्वामी केन्द्र में होकर त्रिकोण के साथ लक्ष्मीनारायण योग बना रहा है। यह योग कर्म क्षेत्र को धनवान बनाने में समर्थ है। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी की ख्याति विरोध के बावजूद लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी। जैन ने बताया कि मोदी को प्रधानमंत्री बनवाने में किसी खास महिला का विशेष योगदान रहेगा।


 


जन्मकुंडली : नरेन्द्र मोदी
जन्म दिनांक : 17 सितम्बर, 1950
जन्म समय : 11 बजे प्रात:
जन्म स्थान: मेहसाना (गुजरात)   

शनिवार, 18 जनवरी 2014

मेरा बद्तमीज दिल


- परिणीता नगरकर
भोपाल।
प्रमुख हिंदी फिल्मों और विशेष इवेंट्स के हिंदुस्तान के प्रमुख चैनल मैक्स द्वारा जल्दी ही दिखाई जाने वाली अपनी नवीनतम सुपरहिट फिल्म 'ये जवानी है दीवानी को प्रमोट करने के लिये हाल में लॉन्च कैंपेन की कैंपेन लाइन है: 'यह बद्तमीजी नहीं चलेगी, बद्तमीजी चलेगी तो सिर्फ मैक्स पर। यह लाइन फिल्म के सबसे कैची ट्रैक से ली गई है जिसमें यह जिक्र है कि दिल को जब मोहब्बत हो जाती है तो वह क्या करता है। मैक्स ने अपने दर्शकों के कुछ प्रिय टेलीविजन कलाकारों से  बात की और उनसे उनके बद्तमीज दिल मोमेंट्स के बारे में पूछा।

संगीता घोष उर्फ जी लें जरा की साची प्रभु
मेरा मोस्ट स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट वह था जब मैंने पहली पहली बार अपने पति के लिये खाना बनाया। उन्हें खीर बहुत पसंद है इसलिये मैंने तय किया कि खीर ही बनाऊंगी। खुद बनाने की यह मेरी पहली  ही कोशिश थी। मैंने खीर को डेकोरेट करके  फ्रिज में रख दिया। जब उसे परोसने का मौका आया तो मैंने देखा कि खीर तो जम कर ठोस कुल्फी जैसी हो गई है। इससे भी ज्यादा ताज्जुब मुझे यह देख कर हुआ कि मेरे पति ने उसे खूब मजे ले लेकर खा लिया और उसके लिये मेरी भरपूर तारीफ भी की!

रुसलान मुमताज उर्फ जी लें जरा के ध्रुव गोयल
मैंने एक बार अपनी गर्लफ्रैंड को यह कह कर अपने घर इनवाइट किया कि हमारे घर हाउस पार्टी है लेकिन सच यह था कि मैं घर में अकेला था और हमारे यहां कोई पार्टी वार्टी नहीं थी। जब उसे मेरी इस शरारत का पता चला तो पहले तो वह थोड़ी हिचकिचाई लेकिन मैंने तुरंत ही कराओके सेशन शुरू करके उसे हैरत में डाल दिया। मैं रात भर उसे गाने सुनाता रहा और हमारा टाइम बड़ा सुहाना गुजरा। वही मेरी जिंदगी का सबसे बद्तमीज दिल मोमेंट था। 

ऐश्वर्या सखूजा उर्फ मैं ना भूलूंगी की की शिखा गुप्ता
मेरी जिंदगी का सबसे स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट उन दिनों आया था जब मैं मॉडलिंग करती थी और मैंने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट के लिये कुछ पैसा बचाने की सोची। मैंने अपने पापा से प्रॉमिस किया था कि मैं पैसा बचाऊंगी और उसे कहीं इन्वेस्ट कर दंगी। जब एक खास टारगेट पूरा हो गया तब मैंने वह सारा पैसा अपना पहला प्रादा हैंड बैग खरीदने में उड़ा दिया!

अक्षा गारोडिया उर्फ महाराणा प्रताप की धीर बाई भटियानी
मैं तो एक्स्ट्रीमली स्पेशल बद्तमीज परसन हूं, वैसी जिसे अंगरेजी में हू वियर्स हर हार्ट ऑन हर स्लीव्स कहते हैं। मुझे जहां भी, जो भी आकर्षक लगता है, मेरा दिल वहीं बद्तमीज दिल हो जाता है। 

बूगी वूगी के जावेद जाफरी
जब मेरी पत्नी 9 महीने की गर्भवती थीं तो मैं उन्हें बारिश में कार्टर रोड की सैर कराने के लिये अपनी पीठ पर उठा कर ले गया था। मेरे लिए, मेरी पत्नी और बच्चे के लियेे भी वही मेरा बद्तमीज दिल मोमेंट था।

बूगी वूगी के रवि बहल
मेरा बद्तमीज दिल मोमेंट वेलेंन्टाइन डे पर तब आया जब मेरी गर्लफ्रैंड गिफ्ट की उम्मीद में थी और मैंने उसे कुछ दिया नहीं। जब 12।00 बज चुके, तब मैं उसके घर पहुंचा और उसे ढेर सारे गिफ्ट दिये और कहा, 'तुम्हारे लिये अपना प्यार दर्शाने को मुझे किसी वेलेंन्टाइन डे की जरूरत नहीं पड़ती।

बूगी वूगी से नावेद जाफरी
मेरे लिये मेरा सबसे अलग और स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट मेरे बचपन की यादों और मेरी मां के साथ जुड़ा है। मैंने अपनी मां के लिये 10 पैसे के गुलाब खरीदे थे जबकि मुझे कोई पॉकेट मनी नहीं मिलती थी। बद्तमीज दिल स्टाइल में तो मैंने अपनी गर्लफ्रैंड के लिये कभी कुछ किया नहीं।

अपने सेंसेज को हाई एलर्ट पर रखिये और सोनी मैक्स पर 'ये जवानी है दीवानीÓ के आगामी प्रीमियर की यूनिक कैंपेन एक्टिविटज के लिये अपने आसपास नजर बनाये रखिये। इसी तरह की अन्य दूसरी एक्टिविटीज के बद्तमीज दिल मोमेंट्स के लिये ट्यून कीजिये- ये जवानी है दीवानी, मैक्स टेलीविजन प्रीमियर, रविवार 19 जनवरी 2014, रात 8।00 बजे, सिर्फ मैक्स पर।

Sangeeta Ghosh

'Naved Jaaferi

Aashka Goradia

Aishwarya Sakhujua

Javed Jaaferi

Ravi Behl

Ruslaan Mumtaaz

Ruslan Mumtaaz

शनिवार, 28 दिसंबर 2013

ज्योतिष के आइने में 2014 : ऐसा नजारा रहेगा



 

  • केन्द्रीय कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 62 वर्ष करने संबंधी ग्रहीय योग 26 जनवरी, 2014 से 28 फरवरी, 2014 के मध्य बनते नजर आ रहे हैं? 

  • आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनावों में 15 से 25 सीटों पर विजयश्री को वरण करेगी। भाजपा के साथ राष्ट्रीय दलों का गणित लडख़ड़ायेगा। भाजपा 171 सीटों से अधिक तथा कांग्रेस 129 सीटों के भीतर सिमट सकती है।
  • सोना 25000 के नीचे तथा चांदी 40000 के नीचे आएगी।

  • बिहार में लालू यादव और रामविलास पासवान तथा आँध्रा में जगन रेड्डी, चन्द्रबाबू नायडू का कद बढ़ेगा तथा जदयू का कद घटेगा, संसद में।

  • भूमि, भवन, प्लाट्स, फ्लेट्स के दामों में 25 से 30 प्रतिशत गिरावट के ग्रहीय योग बन रहे हैं। प्रापर्टी मार्केट कमजोर होगा।

  • इलेक्ट्रिक आइटम्स, कारें तथा हवाई यात्राएं सस्ती होंगी, खासकर खाड़ी देशों में।

  • चुनावी वायदे पूरे करने के चक्कर में प्रान्तीय सरकारों की आय की अपेक्षा व्यय बढ़ेगा? विकास कार्य प्रभावित होंगे।

  • शेयर बाजार आंकड़ों का करिश्मा दिखाते हुए सिनसेक्स 25000 तथा निफ्टी 6500 के ऊपर नजर आएगा। पावर-सेक्टर, फार्मा और बैंकिंग स्टाक धन कमाने में  सहयोगी हो सकते हैं, बशर्ते 2 से 3 वर्ष तक का नजरिया रखकर शेयर बाजार में अपनी आमद दर्ज करायें। 20 से 25 टका का लाभ कमा लेगे?

  • गुरु जैसे ही अपनी उच्च राशि कर्क में 19 जून, 2014 को प्रवेश करेगा, तकनीकी विज्ञान में चमत्कारी अनुसंधान, इंटरनेट पर अधिकांश कार्यविधियां ''ऑनलाइन'' तथा ''पेपर लेस'' कार्य प्रणाली आम जन को प्रभावित करती नजर आएगी।

  • राहु, तुला राशि से अपनी मित्र राशि कन्या में दिनांक 12 जुलाई, 2014 को प्रवेश करते ही भ्रष्टाचारी, मिथ्याचारी तथा अत्याचारी वर्ग कानूनी शिकंजे में फंसकर आत्मसमर्पण करते नजर आएंगे।

  • 2 नवम्बर, 2014 को शनि जैसे ही तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, प्राकृतिक, राजनैतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में हड़कम्प मच सकता है?


नया साल आपके लिए खुशियां लेकर आ रहा है। सोचिए, एक बेहतर रास्ता अवश्य मिलेगा! ग्रहीय योग आपको शक्ति देंगे। नजरिया, आपकी सफलता के विस्तार का पैमाना बनेगा, दृष्टिकोण आपकी महत्वाकांक्षा के मार्ग को प्रशस्त करेगा। जिसमें आपकी जन्म कुण्डली में बैठा पंचमेश (विवेक, ज्ञान) सप्तमेश (जीवन साथी का आत्मीय स्पर्श) नवमेश (भाग्य भवन का स्वामी) दशमेश (राज्य भवन $ पिता की आशीष) तथा एकादशेश (आय, लाभ का पर्यायवाची) अर्थात ये पंच महाशक्तियां आपके व्यक्तित्व को सौष्ठवता प्रदान करती हैं। वस्तुत: यह पंचतँत्र है। साधना से तंत्र, मंत्र बन जाते हैं और ये ही मंत्र आपकी शक्तियों में इजाफा कर यंत्र के रूप में आपके व्यक्तित्व को विराट बना देती हैं। अप्रैल-मई 2014 में लोकसभा चुनावों की जंग छिडऩे वाली है। राहुल गांधी की चतुरंगिणी सेना कांग्रेस के ध्वज तले आतुर है, चुनावी विजय हेतु। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विटामिन लेकर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विजयश्री की दास्तान लिखने को प्रतीक्षारत् है। वामपंथी दलों की शक्ति में कुछ इजाफा नजर आ रहा है। कांग्रेस, हिन्दी बेल्ट मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि में राजनैतिक काया क्षीण नजर आ सकती है। ब.स.पा. और स.पा. का राजनैतिक वजूद, दुर्बलता के संकेत दे रहा है। भाजपा बिहार तथा कर्नाटक में पॉलिटिकल हेल्थ को चुस्त-दुरुस्त करने में असहाय नजर आती है, किन्तु मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, आसाम, उड़ीसा, राजस्थान, दिल्ली, आंध्रप्रदेश एवं तमिलनाडु तथा पश्चिमी बंगाल के साथ कुछ सीमावर्ती प्रदेशों में अपने राजनैतिक कद का इजाफा करने में सफल होती दिख रही है। राहु 12 जुलाई 2014 को अपरान्ह 3 बजकर 45 मिनट पर तुला राशि में पदस्थ शनिदेव से अलग होकर वक्री होने के कारण कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बस, यहीं से प्रारंभ होगा शनिदेव का राजनैतिक, प्रशासनिक ताण्डव नृत्य। क्योंकि शनि 21.07.2014 को अपरान्ह 3:56 मिनट पर वक्री से हो जाएंगे। उस समय भूमि पुत्र मंगल दिनांक  14.07.2014 को प्रात: 8 बजकर 52 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश कर चुकेंगे। अर्थात् राहु की 12 जुलाई, 2014 को तुला राशि से विदाई तथा 14 जुलाई, 2014 को भूमिपुत्र मंगल का तुला राशि में आगमन और वक्री शनि 21 जुलाई, 2014 से मार्गी हो जाएंगे। तुला राशि में शनि और मंगल की युति की यह कालावधि कर्क , कन्या, तुला, वृश्चिक तथा मीन राशि वाले राष्ट्रों के जन-जीवन में प्राकृतिक, राजनैतिक घटनाक्रम किसी सुनामी आपदा से कम नहीं होंगे। आइये जानते हैं नए साल में बारह राशियों का भविष्यफल।



ग्रहों की हलचल और आपका भविष्य
सोचिए, एक बेहतर रास्ता अवश्य मिलेगा! ग्रहीय योग आपको शक्ति देंगे। नजरिया, आपकी सफलता के विस्तार का पैमाना बनेगा, दृष्टिकोण आपकी महत्वाकांक्षा के मार्ग को प्रशस्त करेगा। जिसमें आपकी जन्म कुण्डली में बैठा पंचमेश (विवेक, ज्ञान) सप्तमेश (जीवन साथी का आत्मीय स्पर्श) नवमेश (भाग्य भवन का स्वामी) दशमेश (राज्य भवन, पिता की आशीष) तथा एकादशेश (आय, लाभ का पर्यायवाची) अर्थात ये पंच महाशक्तियां आपके व्यक्तित्व को सौष्ठवता प्रदान करती हैं। वस्तुत: यह पंचतंत्र है।  साधना से तंत्र, मंत्र बन जाते हैं और ये ही मंत्र आपकी शक्तियों में इजाफा कर यंत्र के रूप में आपके व्यक्तित्व को विराट बना देती हैं। आइये जानते हैं नए साल में बारह राशियों का भविष्य।

1.  मेष (चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
इस राशि वाले जातक सामान्यत: मंझले कद, रक्तिम गौर वर्ण, चंचल नेत्रों, तीक्ष्ण दृष्टि युक्त, तुरन्त मन की थाह पा लेने में समर्थ होते हैं। उसका चेहरा चौड़ाई की अपेक्षा कुछ लम्बा होता है। मोटी तथा दृढ़ जांघें, काले बाल, चमकदार दंत पंक्ति। ऐसे व्यक्ति चतुर, तुरन्त निर्णय लेने में सक्षम और स्वतंत्र विचारों के धनी होते हैं। संकटों में मुस्करा कर ये बाधाओं को पार कर लेते हैं। धार्मिक विचारों में लचीलापन, सामाजिक रूढिय़ों के प्रति विद्रोही। राज्य व समाज में प्रगतिशील। हाथ में द्रव्य आने पर दान देने में हिचकिचाहट महसूस नहीं करते। वैज्ञानिक विचारों तथा योजनाबद्ध तरीकों से काम करने में प्रवीण तथा अपनी प्रतिभा और बुद्धि बल से उच्च पदों पर शोभायमान होते हैं। भावुकता का तत्व प्रधान होने पर लेखक, कवि होने के साथ अपने प्रभा मण्डल से जन-मानस को मोहित करने की कला में माहिर होते हैं। विवाह के बाद भाग्योदय। शत्रुओं के मामले में असावधान रहने से हानि की सम्भावना रहती है। जातक धन संचय में प्रवीण होता है, किन्तु आयु के उत्तरार्ध में।
भविष्य फल
नववर्ष आपको मंगलमय हो। राशि स्वामी मंगल आपकी राशि से छठवीं शत्रु राशि कन्या में भ्रमणरत् हैं, जो 4 फरवरी, 2014 तक रहेगा, अत: शत्रु, स्वास्थ्य तथा कार्यों के अटकने की सम्भवना बनी रहेगी। विवाह योग अविवाहित जातकों को 4 फरवरी से 7 जुलाई, 2014 के मध्य दाम्पत्य जीवन का सुख मिल सकता है, यदि देवगुरु वृहस्पति की कृपा रही, तो। 2 मार्च, 2014 से 2 नवम्बर, 2014 के मध्य किसी प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने पर या किसी संस्थान में नौकरी के सुयोग बन जाये, तो इसे भूमिसुत मंगल की कृपा समझें।  भवन निर्माण से संबंधित कार्य हेतु यदि आप प्रयासरत् हों तो उक्त तिथियों में से किसी एक तिथि में वास्तु शास्त्र के आधार पर भवन निर्माण शुभ फलदायी रहेगा। राजनैतिक पृष्ठभूमि से जुड़े जातक 2 मार्च, 2014 से 7 जुलाई, 2014 के मध्य अपने सद्प्रयासों से राजनैतिक, प्रशासनिक गलियारों में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हो सकते हैं। इस राशि के जातक खासकर इंजीनियर्स, डॉक्टर्स अथवा कम्प्यूटर विशेषज्ञ देश-विदेश में नौकरी के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। यदि उनकी कुण्डली में शनि और मंगल की स्थिति प्रभावी हो। निर्माण कार्यों से जुड़े प्रतिष्ठान सावधान रहे अन्यथा मंदी की चपेट में आने के योग सम्भव हैं। रियल्टी, फार्मा, बैंकिंग क्षेत्रों से जुड़े शेयर्स 10 से 20 टका लाभ दे सकते हैं, यदि लम्बी अवधि का नजरिया लेकर शेयर बाजार में उपस्थिति दर्ज करावे। शत्रु पक्ष प्रबल रहेगा। पवनसुत हनुमान जी की साधना सुखदायी रहेगी। शासकीय सेवा संस्थानों से जुड़े जातक पदोन्नति तथा परिवार में मांगलिक कार्यों के सुखद योग बनेंगे। न्यायालयीन परिसर को दूर से ही सलाम करें। धन और सम्मान की दृष्टि से यह वर्ष सुखद रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधानी आवश्यक अन्यथा उदर विकार या मधुमेह अथवा नेत्र चिकित्सा से प्रभावित होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

2.वृषभ (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
इस राशि में जन्म लेने वाले जातक शरीर से बलिष्ठ और पुरुषार्थी होते हैं। चेहरा गौर वर्ण और लम्बा होता है। कान और आंखें लम्बी होती हैं। ऐसे जातकों का चेहरा आकर्षक, उन्नत ललाट और लम्बे हाथ इनकी विशेषता होती हैं। स्वभाव में गम्भीर मित्रों की संख्या कम, किन्तु धुन के पक्के, मस्तमौला ढंग के होते हैं। जिस काम को एक बार हाथ में ले लेते हैं, उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं। इनका व्यक्तित्व भव्य और कार्यशैली नूतन होती है। संगीत तथा अन्य कलाओं में अभिरुचि, दिलफेंक भी होते हैं। जीवन का 18, 22, 24, 33 और 35वें वर्ष आर्थिक दृष्टि से सफल कहे जा सकते हैं। साझेदारी के कार्यों में लाभ के योग न्यूनतम हो सकते हैं। ऐसे जातक लेखन शैली से धन अर्जन करते देखे गये हैं।
भविष्य फल
इस राशि के युवक एवं युवतियां जो विवाह योग्य हों, उन्हें सुन्दर-सलौने जीवन साथी की सौगात इस वर्ष मिलने वाली है। चट-मंगनी, पट-विवाह कर डालिए। वृष राशि वाले जातक कुछ दिल फेंक होते हैं, सावधान! अन्यथा किसी की चरण-पादुकाएं आपका स्वागत करती नजर आएंगी। सामान्य रूप से वर्ष उत्तम है। 27 अप्रैल से 16 जुलाई के मध्य राशि स्वामी शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में भ्रमण करेंगे। कृपया काली कमाई से बाज आयें, अन्यथा राजयोग भंग होकर आपके पतन का मार्ग प्रशस्त होते देर नहीं लगेगी। नवजात शिशु अथवा गर्भस्थ शिशु कहीं बीमारी से पीडि़त न हो जाये, अत: समुचित चिकित्सा व्यवस्था का ध्यान रखिए। व्यवसाय उतार-चढ़ाव से ग्रसित रहेगा। आर्थिक मंदी आपको कर्जदार भी बना सकती है। 18 जून, 2014 से 13 जुलाई, 2014 के मध्य नौकरी पेशा से जुड़े व्यक्तियों के लिए पदोन्नति तथा स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं? भूमि, भवन, वाहन का सुख भी आपके पारिवारिक जीवन के लिए सुखदायी रहेगा, जरा मुस्करायें तो। विद्यार्थी समुदाय अपने शैक्षणिक कार्यों में सफलता तथा कीर्तिमान अर्जित कर सकेंगे एवं शुक्र और शनि की कृपा से छात्र-छात्राएं उच्च पदों में चयन प्रक्रिया के माध्यम से सफलताओं के शिखर को छू सकती हैं, बशर्ते अध्ययन में समर्पण का भाव रहे। व्यापारी वर्ग के लिए यह वर्ष मंदी के कारण उदासीनता से ग्रसित कर सकता है। सोने-चांदी तथा तेल-तिलहन आदि के व्यापार, व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठान समय काल को परख कर व्यवसाय करें, क्योंकि मंदी की चपेट आपके आर्थिक साम्राज्य को प्रभावित कर सकती है। पैदावार अच्छी रहेगी, जिससे भाव कम होंगे। बेरोजगारों को रोजगार के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। व्यर्थ की यात्रा से बचें, बचत करें। ऋ ण उपरिहार्य स्थिति में ही लें। वृष राशि की महिला विधायक सुश्री उमा भारती जी लोकसभा चुनाव में सफलता के परचम लहरायेंगी। सांसद के रूप में शपथ तथा केन्द्रीय मंत्री मण्डल में पदभार ग्रहण करती नजर आयेंगी। इस राशि वाले जातक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें अन्यथा आप्रेशन थियेटर पर जाने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

3.  मिथुन (का, की, कू, घ, ड़, छ, के, की, हा)
इस राशि वाले जातक श्रम करने में पलायनवादी, किन्तु अन्य ग्रहीय प्रभाव से बिना श्रम के सफलताएं अर्जित कर लेने में पारंगत होते हैं। कभी-कभी हीन भावनाओं से प्रभावित होकर निराश तथा दबी जवान से विद्रोही स्वर निकालने में तत्पर रहते हैं। पढऩे के शौकीन। यदि गुरु की मिथुन राशि पर दृष्टि जन्म कुण्डली में बन रही हो, तो लेखन कार्य में ख्याति अर्जित करने में सफल होते हैं। आकर्षक व्यक्तित्व। कार्य सिद्धि में देरी का कारण लगन का अभाव। बात करने में चतुर, अपना कार्य निकालने में होशियार। भावना प्रधान होने से जातक अर्थ संबंंधी विषय को गम्भीरता से नहीं लेते, फलस्वरूप कई बार हानियां उठानी पड़ती हैं।
भविष्य फल
वर्ष का पूर्वाद्र्ध उत्तम रहेगा। मिथुन राशि से पांचवा मंगल शिक्षा जगत से जुड़े जातकों के लिए फलदायी रहेगा। इंजीनियरिंग या मेडीकल की प्रवेश परीक्षाओं में अध्ययन के प्रति समर्पण भाव से सफलता के सुयोग निश्चित है। आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रवेश पाने वाली युवा शक्ति अपनी शक्ति को पहचाने। अध्ययनरत् रहें, बड़े सपने देखें। अनवरत् 12 से 16 घंटे प्रसन्नचित्त होकर अध्ययन करें। सफलताएं आपका स्वागत करती नजर आयेंगी। दिनांक 04.04.2014 से 20.05.2014 के मध्य राशि स्वामी बुध प्रभावी रहेगा। यदि अन्य ग्रहीय योग अनुकूल रहें तो मिथुन राशि से जुड़े जातक लोकसभा के चुनावी सफर में विजयश्री को वरण कर संसद के गलियारों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इसी दरम्यान राजनैतिक तथा प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े जातक अपने प्रभाव में इजाफा करते नजर आयेंगे। वर्ष 2014 शासन तंत्र से जुड़े कर्मचारी पदोन्नति की चाहत से जूझते अधिकारी एवं कर्मचारीगण पदोन्नति की हसरत में गुले-गुलजार नजर आयेंगे। न्यायालयीन अथवा आयकर से जुड़े प्रकरणों में ग्रहीय अनुकूलता परिलक्षित होगी। वर्ष के प्रारम्भ में निर्यातक कुछ कष्ट का अनुभव कर सकते हैं? 21 जुलाई, 2014 से जैसे ही शनि मार्गी होगा, बैंकों की ब्याज दर में गिरावट तथा शासन की उदारनीति का लाभ भारतीय उद्योग जगत को मिलना प्रारम्भ हो जायेगा। मिथुन राशि के जातक संयम रखें, अधिक दु:साहसी न बने। परिवार में मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। नवीन कार्योंे का श्री गणेश। अवरोध दूर होकर लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा। चुनावी दंगल या प्रशासनिक फेर-बदल हेतु तैयार रहे, मेहनत रंग लायेगी। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। वृश्चिक राशि वालों से थोड़ा सावधान रहें। रोमांस पक्ष उज्जवल हो सकता है, यदि प्रेम-विवाह में बदल जाए अन्यथा अपमानित होना पड़ सकता है। भूमि-भवन के कारोबार से जुड़े जातक मंंदी के भय से प्रभावित रहेंगे। गुप्त शत्रुओं से सावधान। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। विवाह योग जातक तैयार रहें, शहनाई की गूंज सुनाई दे सकती है। पन्ना रत्न धारण करें, विधि-विधान से। अनुकूलता महसूस करेंगे।

4. कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
इस राशि वाले जातक भावुक। जीवन के प्रत्येक क्षण को सार्थक बनाने में प्रयासरत, किन्तु भावनाओं में बहकर भले-बुरे की पहचान करने में यदा-कदा असफल। न्यायशीलता और ईमानदारी इनके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना देती है। दाम्पत्य जीवन सामान्य सुखद, मित्रता निभाने में सिद्धहस्त। सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। आर्थिक मामलों में ये कृपण होते हैं। ग्रहों की अनुकूलता इन्हें शिखर पुरुष बनाने में सक्षम तथा राजनीति, लेखन कार्य इनके व्यक्तित्व को सजाने-संवारने में अद्भुत योगदान देते हैं। आयु का 20, 26, 27, 33, 34, 36, 45, 53 एवं 54वां वर्ष विशेष महत्वपूर्ण होता है। भूमि संबंधी कार्यों से इसे लाभ होगा है।
भविष्य फल
कर्क राशि पर शनि का अढ़ैया 2 नवम्बर, 2014 तक चलेगा। गोचरवश गुरु मिथुन राशि से कर्क राशि में दिनांक 19 जून, 2014 को अपरान्ह 12 बजकर 30 मिनट पर प्रवेश करेंगे, जो सफलताओं के अद्भुत कालखण्ड के रचना में सहायक होंगे। राहु 12 जुलाई, 2014 को अपरान्ह 3 बजकर 45 मिनट पर तुला राशि से अपनी मित्र राशि कन्या में प्रवेश कर जाएगा। तुला राशि में बैठा उच्चराशिगत् शनि 2 नवम्बर, 2014 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। यह वर्ष आपकी जीवन शैली में सुचिता, शालीनता तथा व्यवहारिक जीवन में पारदर्शिता लायेगा। लोकसभा चुनाव या अन्य किसी चुनावी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का मन हो, तो अन्य ग्रहीय योगों की अनुकूलता आपको विजयश्री दिलाकर आपके जीवन में ताजगी ला सकती है। अभिमंत्रित मोती धारण करें। भगवान आशुतोष की आराधना संकटों से निजात दिलायेगी। 19 जून, 2014 से 2 नवम्बर 2014 के मध्य पदोन्नति, व्यापार-व्यवसाय में प्रगति तथा आवासीय समस्या की दृष्टि से अनुकूलता महसूस करेंगे। परिवार में मांगलिक कार्य, आपके आंगन में किसी नवजात शिशु की किलकारी गंूज सकती है। 14 अप्रैल 2014 से 7 जुलाई 2014 के मध्य अविवाहित जातक सेहरा बांध कर नई नवेली दुल्हन लाने का सुख अनुभव कर सकते हैं। चेष्टारत् रहें - स्वास्थ्य नरम रहने के संकेत मिल रहे हैं, दुर्घटना से बचें, संतान से चिन्तित रहने वाले जातक सतर्क रहें। नेत्र पीड़ा, पाचन संस्थान में गड़बड़ी से प्रभावित होने पर चिकित्सीय सलाह लेने में देरी सुखद नहीं रहेगी। भूमि, भवन, सड़क निर्माण आदि क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायी सावधान रहें। मंदी का दौर 2 नवम्बर 2014 तक प्रभावी रहेगा। आमदनी घट सकती है। इस राशि के जातक सैर-सपाटे, व्यापार या हनीमून मनाने हेतु अथवा विदेश में नौकरी के इच्छुकों को भी विदेश यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं। पासपोर्ट न हो तो बनवा लें, पैसा न हो तो बैंक से लोन ले लें। उच्च शिक्षा की लालसा लेकर विदेश जाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए भी अनुकूल समय है। प्रयास करके देखिये, सफलताएं आपको आस-पास ही नजर आएंगी।

5. सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
इस राशि वाले जातक उन्नत विचारों वाले होते हैं। भ्रमणशील, शरीर आकर्षक, चेहरा गोल, खुलता हुआ गेहुंआ रंग, उन्नत ललाट, कद-काठी सामान्य, प्रभावशाली व्यक्तित्व, अपना कार्य निकालने में चतुर। अपने हितैषियों के प्रति कृतज्ञ रहते हुए आत्मविश्वास की भावना से लबरेज रहते हैं। धर्म के मामले में कट्टर न रहकर बीच का रास्ता स्वीकार कर लेते हैं। संशयात्मक और शक्की प्रकृति के होते हैं तथा किसी की भी बात पर तुरन्त विश्वास कर लेते हैं। फलस्वरूप जीवन में खतरे भी उठाने पड़ते हैं। संतान सुख उत्तम, भ्रमणशील, विनयशील तथा कठिनाइयों के बाद अपने जीवन में सफलताओं के परचम लहराने में सिद्धहस्त होते हैं। राजनैतिक कार्यों या राजकीय नौकरी से धन संचय होने के ज्यादा अवसर। पारिवारिक जीवन सुखी रहता है, किन्तु जीवन-साथी का प्रभाव जीवन पर्यन्त अक्षुण्ण बना रहता है।
भविष्य फल
सिंह राशि के जातकों ने विपरीत स्थितियों को जितना असहज होकर भोगा है, वह उनके व्यक्तित्व की विलक्षणता तथा जीवटता का परिचायक है। 14 अप्रैल, 2014 को प्रात: 9 बजकर 4 मिनट से जैसे ही राशि स्वामी सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा, प्रतिकूलताएं करिश्माई ढंग से अनुकूलता में परिवर्तित होती नजर आयेगी। 19 जून, 2014 को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से जैसे ही गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, न्यायालयीन प्रकरण हों या अन्य वित्तीय समस्याएं आपकी भाग्य देवी अनुकूल ग्रहीय योग बना देगी। राहु तुला राशि से कन्या राशि में दिनांक 12.07.2014 अपरान्ह 3 बजकर 45 मिनट पर अपनी वक्रगति से जैसे ही प्रवेश करेगा। राजनैतिक, प्रशासनिक परिदृश्य आपके अनुकूल नजर आने लगेगा। पदोन्नति और मनचाही पोस्टिंग सुखद संदेश के रूप में आयेगी। 2 नवम्बर, 2014 से शनि आपकी राशि से चौथा होकर सुख-समृद्धि का संदेश वाहक बनेगा। नये वाहन के क्रय की योजना हो, तो विलम्ब कैसा? हसरत पूरी कर लीजिए। किसी कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान के शुभारम्भ का उचित समय है। किन्तु किसी ज्योतिषी से अपनी जन्म कुण्डली दिखाना ज्यादा सुखदायी होगा। लोकसभा चुनावों में भाग्य अजमाने की तैयारी में हो तो ग्रहीय अनुकूलता देखिए और कूद पडिय़े चुनावी समर में, यदि विरोधी का योग प्रबल न हुआ तो संसद में आपकी उपस्थिति राजनीतिज्ञ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करेगी। विवाह योग्य युवक-युवतियां धैर्य से काम लें। 2 नवम्बर, 2014 के बाद का समय दाम्पत्य जीवन में अनुकूल रहेगा। यदि वर्ष के पूर्वार्द्ध में विवाह योग्य बन रहा हो तो किसी पण्डित से कुण्डली मिलान अवश्य करवा लीजिए। विदेश यात्रा के योग प्रबल हैं। भूमि, भवन के क्रय के लिए वर्षान्त शुभ रहेगा। सूर्य का तेज आपकी कर्म कुण्डली में प्रखरता लायेगा। माणिक्य धारण करें, स्वास्थ्य, सौन्दर्य तथा व्यक्तित्व को आकर्षक बनायेगा। वाहन चालन में सावधान अन्यथा अस्थि भंग होने का खतरा संभव?

6.  कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
इस राशि वाले जातक भावना प्रदान होने के कारण भावुक होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का मस्तिष्क क्रियाशील तथा हर क्षण कुछ न कुछ सोचते रहता है। संगीत आदि में रुचि, ऊंची कद-काठी, गौर वर्ण तथा तीखी नासिका के धनी, चेहरे पर कोमलता और मासूमियत लिए होते हैं। ललाट दैदीप्यमान, पठन-पाठन में रुचि, दूसरों को अपनी भावनाओं में बहा ले जाने की अद्भुत क्षमता होती है।  ऐसे जातक सफल कूटनीतिज्ञ तथा राजनीतिक जीवन में सर्वाधिक सफल होते हैं। इनके मन की थाह पा लेना कठिन होता है। सम्पर्क में आने वाले मित्रगण ही इस राशि के जातकों के लिए सहयोगी होते हैं।
भविष्य फल
शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति वर्ष रहेगा। 2 नवम्बर 2014 को शनि तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते ही शनि की साढ़ेसाती आपको अलविदा का संदेश देगी। वैसे कन्या राशि के अधिकांश जातकों को शनि की साढ़ेसाती का यह अन्तिम चरण सुखदायी रहा होगा, किन्तु अन्य ग्रहीय प्रतिकूलताएं अपेक्षाकृत सुखद न रही हो। किन्तु निराश न हों, 2 नवम्बर, 2014 के  बाद आने वाले समय का स्वागत कीजिए। हो सकता है ग्रहीय योग आपको किसी प्रतियोगी परीक्षा में चयनित करवा दें। अनायास सफलताएं आपके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दें। अविवाहित युवा शक्ति दाम्पत्य जीवन के सुखद क्षणों में स्वर्गिक आनंद का लुत्फ उठायेगी।  राहु 12.07.2014 को अपरान्ह 3 बजकर 45 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेगा। यह राहु की मित्र राशि है, जो सपने देखे हैं, बड़ी बेचैनी से प्रतीक्षा की है, उन्हें साकार होने के अवसर मिलने में अब संशय नहीं। प्रभु का अभिवादन कीजिए। माता-पिता का आशीर्वाद आपको सफलताओं के उस दुर्ग में प्रवेश करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा, जहां आपकी महत्वाकांक्षाएं प्रतीक्षारत हैं। विदेश यात्रा फिर भले टूरिज्म के अंतर्गत हो या उच्च अध्ययन हेतु, अवसर मिले तो चूकिये मत। विवाह योग जातकों को सर्विस करने वाला जीवन-साथी भी मिल सकता है। विद्यार्थी समुदाय प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेकर उच्च पदों पर चयनित हो सकते हैं, बशर्ते अध्ययन करें। श्रम की महत्ता को समझें, तो कन्या राशि के जातक सफलता प्राप्त कर अपने भाग्य पर इठला सकते हैं। किन्तु, भ्रष्टाचार से जुड़े कतिपय कन्या राशि वाले जातक सावधान! अन्यथा सम्पदा, प्रतिष्ठा खोकर भी जेल यात्रा से नहीं बच सकेंगे आप। जाते-जाते शनि की साढ़ेसाती अपराधिक मानसिकता वाले जातकों को दण्डित करने में लेशमात्र भी संकोच नहीं करेगी। अप्रत्याशित रूप से परिवार में मांगलिक कार्य। हज यात्रा आपको हाजी बना सकती है। पुण्य लाभ लें। उस दो जहां के मालिक की इबादत से वह सब मिलेगा, जो आपकी दिली ख्वाहिश रही है। तीर्थयात्री भी बनें। मन को सुकून मिलेगा। आरजुओं की फेरिस्त न बढ़ायें। यह वर्ष सफलताओं की इबारत लिखने को आतुर नजर आ रहा है।

7. तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
इस राशि में जन्म लेने वाले जातक आदर्श, भावना प्रधान, शीघ्र निर्णय लेने की शक्ति रखने वाले तथा अपने प्रभाव से दूसरों को मित्र बना लेने की अद्भुत क्षमता इनमें जन्मजात रहती है। खुलता हुआ गेहुआं रंग, सामान्य कद, कफ प्रधान प्रकृति, चतुर, सदा मुस्कराता रहने वाली, सुन्दर आकृति के धनी, योग्य तथा कार्यदक्ष होते हैं। इनकी कल्पना शक्ति प्रबल होती है। राजनीतिक क्षेत्र में ये जातक सफल होते देखे गये हैं। भाग्य जब इनका साथ देता है तब अनुचित तरीके से धनार्जन संभव है, किन्तु इनके हाथों में पैसा नहीं रुकता। भोजन, शौक, सुख-सुविधा तथा सजावट पर हैसियत से भी ज्यादा खर्च कर डालते हैं।
भविष्य फल
शनि की साढ़ेसाती का तृतीय चरण (अन्तिम चरण) 2 नवम्बर, 2014 को शनि के तुला राशि से वृश्चिक राशि में पदार्पण से प्रारम्भ हो जावेगा।  तुला राशि ने जितने सुखों की अनुभूति न ली उससे अधिक संघर्षों की दास्तान उसकी सहयात्री रही किन्तु कुछ भाग्यशाली अन्य ग्रहों के सशक्त आवरण में मंत्री और विधायक भी बने। समय बदलता नजर आ रहा है। अब यह वर्ष सफलताओं की नई इबारत लिखेगा। भाग्य की देवी अब तुला राशि वाले जातकों की बिगड़ी बनायेगी। नौकरियां हो या पदोन्नति अथवा मंदी की चपेट में आये व्यवसायिक प्रतिष्ठान, सब के सब लाभान्वित होंगे। यदि आप पार्टनरशिप में किसी उद्योग या प्रतिष्ठान को चालू करने के लिए योजना बना रहे हैं तो वृष, मिथुन, सिंह, तुला तथा मीन राशि वाले जातक आपके लिए अनुकूल रहेंगे। पार्टनर्स की कुण्डली भी मिलवा लीजिए। आत्म विश्वास को बनायें। प्रतियोगी परीक्षार्थी चिन्तित न हों, यह वर्ष करिश्माई सिद्ध हो सकता है, किन्तु आवश्यकता है 10-12 घंटे तन्मयता से अध्ययनरत् रहें। फिर अखिल भारतीय सेवाएं हों या प्रान्तीय अथवा तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में डाक्टर्स हो या इंजीनियर्स, तमन्ना अवश्य पूरी होगी। शनि और राहु का वर्ष के उत्तरार्ध में पलायन इस राशि के जातकों को लिए सुखद, समृद्धि, यशस्वी जीवन का उद्घोषक बनेगा। उम्र बढ़ती जा रही है, विवाह की किन्तु कोई योग्य जीवनसाथी नहीं मिल पा रहा है। बेफिक्र रहें भाग्य की ताकत, शनिदेव की कृपा, देव गुरु वृहस्पति का अनुग्रह 'चट मंगनी', 'पट विवाह' की कहावत चरितार्थ करेगा। 17 अप्रैल से 13 जुलाई, 2014 के मध्य शहनाई बजने दीजिए। जीवन साथी के साथ प्यार का, मुहब्बत का लुत्फ उठाइए। यात्रा पर निकल जाइयेगा। स्नेह की परिभाषा, आत्मीयता से भरा रोमांचकारी स्पर्श, जरा जीवन साथी को प्यार से तो निहारिये। जीवन का आनंद न पैसे से है, न कोठियों, न भारी भरकम पद, न बैंक वैलेन्स। आवश्यकता है आत्मीयता से भरी स्नेहिल मुस्कान। कालसर्प योग वाले जातक ऊंचाई छूते नजर आयेंगे। इस राशि वाले जातक इस वर्ष उपलब्धियों की नई दास्तान लिख सकेंगे, कैसी? यह आपकी जीवन शैली पर निर्भर है। किन्तु सावधान! अनाचार, दुराचार, भ्रष्टाचार में लिप्त जातक अपनी करनी का फल भोगेंगे, इससे बच नहीं सकेंगे, क्योंकि शनि और राहु दुष्कर्मों की सजा जाते-जाते दे सकता है।

8.  वृश्चिक (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)
पुरुष तत्व प्रधान ऐसे जातक दूसरों को छेडऩे में आनंद लेते हैं। अस्थिर प्रकृति के ऐसे जातक आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं। मझला कद, गठीला शरीर, विशाल मस्तिष्क, उन्नत ललाट तथा चमकती हुई आंखें ऐसे जातकों की विशेषता होती है। इनकी प्रवृत्ति वणिक प्रधान। इनका व्यक्तित्व सहज ही दूसरों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। चुम्बकीय एवं सम्मोहक व्यक्तित्व के ऐसे जातक धनी और लोकप्रिय होते हैं। प्रेम क्षेत्र में अग्रणी, भावनाओं को सहज में नियंत्रण नहीं कर पाते तथा स्वार्थ सिद्धि होने तक दुश्मन को कंधे पर बिठाने में नहीं हिचकते, परन्तु स्वार्थ सिद्धि के बाद उसे पैरों तले कुचलने में देर नहीं लगाते। हीन भावना की प्रबलता होने पर ईशआराधना का दिखावा भी करते हैं।
भविष्य फल
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह वर्ष हंगामेदार हो सकता है। आपकी कार्य प्रणाली और जीवन शैली निश्चित करेगी कि आपको ''छोड़ दिया या तोड़ दिया जाए''। हड़बडाइये मत! चैतन्य अवश्य हो जाइए। शनि की साढ़े साती का यह प्रथम चरण अद्भुत और अनोखा होगा। शनि तो न्याय के देवता हैं। यदि आप शालीन, शुचितापूर्ण जीवन शैली के जातक हैं तो शनिदेव का अनुग्रह आपको रंक से राजा और राजा से महाराजा बना सकता है अर्थात् सफलताओं के प्रवेश द्वार स्वमेव खुल जायेंगे। नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी दोनों वृश्चिक राशि के जातक हैं। एक प्रदेश का मुख्यमंत्री है तो दूसरा भारतीय सत्ता सिंहासन का युवराज। गद्दी किसे मिलेगी अर्थात् इनमें से कौन प्रधान मंत्री बनेगा? या शनि देव किसी तीसरे को प्रधानमंत्री बनवायेंगे? प्रतीक्षारत् रहिये? यदि  इस राशि के जातक कुत्सित विचारों वाले या भ्रष्टाचार में लिप्त मानव है अथवा आचरणहीनता में पल्लवित, पुष्पित हैं, तो सम्हल जाइएगा? अन्यथा शनिदेव का न्यायदण्ड आपके अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगा देगा। परिवार में मांगलिक कार्य के सुयोग बनेंगे। शनिदेव की कृपा तथा राशि स्वामी भूमिपुत्र मंगल के अनुग्रह से भूमि, भवन अथवा निर्माण कार्य के सुयोग भी वर्ष 2014 में परिलक्षित हो रहे हैं। इस राशि के जातक उच्च शिक्षा की प्राप्ति हेतु प्रयासरत रहें। 13 फरवरी, 2014 के बाद सफलता संभव है। संतान पक्ष की ओर से शुभ संकेत देने वाला वर्ष रहेगा, यह। पारिवारिक वैमनस्य, मनमुटाव की आप अपने बुद्धि चातुर्य से अपनत्व में बदलें, ग्रहयोग आपके सखा के रूप में सहयोगी बने रहेंगे। स्वास्थ्य की उपेक्षा न करें, अन्यथा आप्रेशन की नौबत भी आ सकती है। फरवरी-मार्च में जोड़ों का दर्द, 11 मई के बाद रक्तचाप अथवा फेफड़ों से संबंधी समस्या उभर सकती है। जीवन संयमित रखें। वाद-विवाद को सुलह में बदलें। सावधानी पूर्ण जीवन जियें। रोगों को दावतनामा न दें। उम्र के अनुसार व्यायाम, प्रात: घूमना, नशा-पानी से दूर, तेल-घी की तली खाद्य सामग्री से परहेज करें अन्यथा शनि की साढ़े साती डाक्टरों की मुलाकातों से शुरू होकर अस्पताल भी पहुंचा सकती है। परिवार में बुजुर्गों के साथ कुछ पल बिताने से तथा उनसे बात करने से आशीषें मिलेगी, वह सभी को सुखदायी होगी। आवश्यकता पडऩे पर किसी ज्योतिषी की सलाह से नीलम धारण करें, विधि-विधान से।

9. धनु (ये, यो, भ, भी, भू, ध, फ, ढ़, भे)
इस राशि में जन्म लेने वाले जातक अधिकांशत: दार्शनिक, विचारों के धनी, ईश्वर के प्रति आस्थावान तथा दूसरों पर तुरन्त विश्वास कर लेते हैं। शारीरिक गठन और आकर्षक चेहरा, पैनी और खिलती आंखें, सम्मोहक मुस्कराहट इनकी विशेषता होती है। निरंतर परिश्रमरत् ऐसे जातक वणिक वृत्ति प्रधान होते हैं तथा प्रत्येक कार्य में अपना भला-बुरा पहले सोच लेते हैं। ऐसे जातक सात्विक वृत्ति प्रधान होते हैं। व्यर्थ का दिखावा, फैशन, अपव्यय आदि से दूर रहते हैं। जीवन में सत्य, न्याय, ईमानदारी, दयालुता और स्वतंत्रता को विशेष महत्व देते हैं। आयु का 24, 27, 28, 32, 33, 34, 37, 42, 48, 52, 54, 55 एवं 58वां वर्ष श्रेष्ठ रहता है।
भविष्य फल
धनु राशि का स्वामी गुरु मिथुन राशि में बैठकर आपके बुद्धि चातुर्य को बढ़ाने, राजनैतिक कद, प्रतिष्ठा तथा पूर्व की तुलना में अधिक प्रभावी बनाने में सफल होगा। राशि स्वामी गुरु दिनांक 19.06.2014 अपरान्ह 12 बजकर 30 मिनट से अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेगा। जब राशि स्वामी उच्च राशि में भ्रमण करता है तब संबंधित राशि के जातक अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में सफलता के परचम लहराने में समर्थ होते हैं। परिवार में भवन, भूमि के क्रय के योग बनें तो अवसर का लाभ उठाने में तत्पर रहियेगा। भवन निर्माण भी सुखद रहेगा। अध्ययनरत् विद्यार्थी परीक्षाओं में सफलताओं के नित नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले जातक अपनी अध्ययन शैली की बदौलत उच्च स्तरीय सेवा क्षेत्र में प्रवेश पाने में सफल होंगे। उच्च राशिगत गुरु इस राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य सुधार की अनुकूलता प्रदान करेंगे। न्यायालयीन अथवा प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलायेंगे। ऐसे जातक, जो विवाह के सात फेरे लेने में वर्षों से प्रतीक्षारत् हैं, उनकी मुराद पूरी होने का समय आ गया, शहनाइयां बजने दीजिए। आपकी भावुकता आपके स्वास्थ्य के लिए चिन्ताजनक बना सकती है। दिनचर्या संयमित एवं नियमित रखें अन्यथा उदार विकार, गैस्टिक प्राब्लम अथवा उच्च रक्तचाप के कारण आपका दैनिक जीवन कष्टप्रद हो सकता है। विपरीत स्थितियों में नीलम धारण करने से लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय से जुड़े जातक अपने भाग्य पर इठला सकते हैं, क्योंकि उच्च राशि गत गुरु कर्क राशि में विराजमान होकर इस राशि के जातकों को श्रीसमृद्धि का तोहफा प्रदान कर उनकी आर्थिक, राजनीतिक काया को सौष्ठवता प्रदान करते नजर आयेंगे। गुरु का कर्क राशि में आगमन 19.06.2014 से सेवारत जातक अपनी पदोन्नतियों तथा स्थानान्तर की स्थितियों से लाभान्वित होंगे, किन्तु 2 नवम्बर 2014 के बाद शनि की साढ़ेसाती का शुभारम्भ इस राशि के जातकों के लिए कष्टप्रद भी हो सकती है? राजपदों पर विराजमान सत्ताधीशों के लिए प्रतिकूलता के संकेतों से शनि की साढ़ेसाती कष्टदायक हो सकती है। प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारीगण सावधान रहें, कहा नहीं जा सकता, 02.11.2014 के बाद कैसी अनुकूलता, प्रतिकूलता का सामना करेंगे, ये महारथी।

10.  मकर (भो, ज, जी, खी, खू, खे, खो, ग, गी)
इस राशि वाले जातक रहस्यमय होते हैं। अपने उद्देश्यों के प्रति सचेत तथा ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। लम्बा ऊंचा कद, गेहुंआ रंग तथा पैनी आंखें होती है। शरीर से ये पतले और फुर्तीले होते हैं। इनका स्वभाव उग्र होता है, किन्तु अपना पक्ष कमजोर पड़ता देख, वहां नम्र भी हो जाते हैं।  धन कमाना, ऊंचे सपने देखना इनकी फितरत होती है। इनका दाम्पत्य जीवन मधुर नहीं कहा जा सकता। दोनों के विचारों में मतभेद बना रहता है। वाक् शक्ति पर इनका नियंत्रण नहीं रहता। ये अच्छे अभिनेता होते हैं तथा क्षण-क्षण में रूप बदलने में पारंगत होते हैं। संतान की दृष्टि से ऐसे जातक सौभाग्यशाली होते हैं।
भविष्य फल
मकर राशि वालों को यह वर्ष विशेष रूप से लाभप्रद रहेगा। शनि का उच्चराशि में भ्रमण तो सुखद रहा, किन्तु राहु की शनि के साथ युति कष्ट साध्य रही। पांच राज्यों में चुनावी समर में शनि से प्रभावित अधिकांश मकर राशि वाले जातकों के लिए इस चुनावी समर में पराजयश्री को वरण करना पड़ा। जो विजय माला पहनने में सफल रहे, उन्हें भाग्येश/राज्येश की दशा, अन्तर्दशा की आशीषों ने सुरक्षित रखा। 26 नवम्बर, 2012 से तुला राशि में शनि के साथ विराजमान राहु 12 जुलाई, 2014 को अपरान्ह 3 बजकर 45 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश कर जायेंगे। वस्तुत: मकर राशि के जातकों के लिए 12 जुलाई, 2014 तक का समय प्रतिकूल भले ही न हो किन्तु अनुकूलता का ग्राफ भी सामान्य से कम ही रहा है, किन्तु 12 जुलाई, 2014 के बाद इस राशि वाले जातक नित नई ऊंचाइयों को छूने में सफल होते नजर आयेंगे। मेरा आग्रह है मकर राशि वाले जातक चाहे वे प्रशासनिक क्षेत्रों में हो अथवा राजनैतिक क्षेत्रों अथवा औद्योगिक प्रतिष्ठानों का प्रतिनिधित्व करते हों, सावधान रहें। उनका स्वयं का पुरुषार्थ ही काम आयेगा। गुप्त शत्रुओं की चाल से सावधान रहने की आवश्यकता है। 12 जुलाई, 2014 से जैसे ही राहु राशि परिवर्तन कर कन्या राशि में जायेगा शासकीय सेवारत् जातक पदोन्नति एवं स्थानान्तरण के लिए तैयार रहें। विवाह योग जातकों के लिए यह वर्ष सुखद रहेगा। 3 मार्च, 2014 से शनि की वक्र स्थिति कुंवारों को शादीशुदा बनाने में जुट जायेगी, तैयार रहें। शहनाइयों की गूंज आपके लिए जीवनसाथी की सौगात का अलार्म सिद्ध होगी। गर्भवती महिलाएं यदि पुरुष ग्रह की महादशा से प्रभावित हों तो पुत्र और स्त्री ग्रहों की महादशा लक्ष्मी सुख की सुखद अनुभूति से पुलकित कर देगी। किन्तु, सावधान लोकसभा चुनावों में यदि अन्य ग्रह अनुकूल हों, तो चुनावी जंग में कूद जाइएगा अन्यथा विपरीत ग्रहीय स्थितियों में असफलता कष्टप्रद होगी। जिन जातकों की कुण्डली में उच्च राशिगत शनि या स्वक्षेत्री शनि अथवा भाग्येश हो तो शुभ ग्रहों की दशा, अन्तर्दशा में नये वाहन, भूमि, भवन की खरीद-बिक्री संतुष्टी प्रदान करेगी। भगवान शिव और शनिदेव की आराधना मंगलदायी रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति सावधान! यात्रा में सतर्क रहें, सजगता और सतर्कता संकटों से निजात दिलायेगी।

11. कुम्भ (गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द)
यह राशि दार्शनिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है। जातक शिक्षित, सभ्य, शांत एवं कुलीन तथा विचारों का धनी होता है। दूसरों की सहायता करने में ये सदा तत्पर रहते हैं। सेवा, सहानुभूति एवं सहायता करने को ये सदा तत्पर रहते हैं। ऐसे जातक लम्बे, प्रभावयुक्त चेहरा, सरल स्वभाव तथा प्रत्येक विचार में नवीन युक्ति प्रदर्शित करते हैं। जीवन में निरन्तर बाधाओं  से संघर्ष करते-करते अंततोगत्वा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त कर लेते हैं। साझेदारी इन्हें लाभप्रद हो सकती है। जीवन के पूर्वार्द्ध की अपेक्षा उत्तरार्ध आर्थिक दृष्टि से सफल माना जा सकता है। भाइयों से इन्हें स्नेह एवं सहयोग मिलता है।
भविष्य फल
शनि राशि का स्वामित्व हितकारी रहेगा। कन्या राशि में पदस्थ मंगल आपकी मनोकामना पूर्ण करने में मित्रवत् रहेंगे। मिथुन राशि में स्थित गुरु अपनी नवम् दृष्टि से अपनी मित्र राशि कुम्भ को निहार रहा है। इस राशि के जातक सफलताओं का इतिहास रच सकते हैं, यदि अन्य ग्रहीय अनुकूलताएं जन्म कु ण्डली में परिलक्षित हो रहीं हों, तो। गुरु महाराज की अनुकम्पा गृहस्थ जीवन में सुख, शांति तथा सेवारत् जातकों की पदोन्नति मन चाहे स्थानान्तर, प्रेमी युगल दाम्पत्य जीवन का सुख भोगने में सफल होंगे। व्यापार, व्यवसाय से जुड़े जातक गत् वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लाभ का ग्राफ बढ़ाने में सफल होंगे। व्यापार का विस्तार, नये प्रतिष्ठानों के शुभारम्भ के लिए अनुकूल स्थिति लाभान्वित करेगी। नौकरियों की तलाश का क्रम इस वर्ष आपको संतुष्टि प्रदान करने में सफल होगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शनिदेव एवं देव गुरु वृहस्पति की आशीषें आपको वरदायिनी बना सकती हैं। विद्यार्थी मनोयोग से अध्ययनरत् रहें। परीक्षा परिणामों की शक्ल आपको तथा परिवारजनों को आनंदित कर सकती हैं। न्यायालयीन अथवा विभागीय जांचें कुछ राहत का अहसास कराती नजर आयेगी। कृषि क्षेत्र से जुड़े जातक पर्याप्त वर्षा तथा अच्छी फसल के उत्पादन से संतुष्ट नजर आयेंगे। वर्ष के उत्तरार्ध में मन कुछ अशान्त रह सकता है। अपने-अपने इष्ट की आराधना, पूजा-अर्चना करें, आत्मबल अवश्य बढ़ेगा। विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने की शक्ति मिलेगी। 19 जून, 2014 के बाद इस राशि के जातक रक्तचाप, चर्मरोग, एलर्जी, उदर विकार तथा पुरानी व्याधियों से वेदना का अहसास कर सकते हैं। योग्य चिकित्सक से समय-समय पर जांच कराते रहें, अन्यथा अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है। व्यय सावधानी से करें अन्यथा कर्जदार बनने से कौन रोक सकता है? किसी प्रियजन का विछोह से मन व्यथित हो सकता है। व्यापार में शनि से संबंधित कारोवारी सावधान रहें, मंदी की चोट आपको प्रभावित कर सकती है। पर्यटन की दृष्टि से विदेशों के सफर के योग बन रहे हैं, सुविधा और इच्छा हो तो उड़ जाइये, दूर नहीं तो खाड़ी देश ही सही। गुरु की कृ पा से परिवार में मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे।

12. मीन (दी, दू, थ, क्षे, त्र, दे, दो, च, ची, झ)
इस राशि में जन्म लेने वाले व्यक्ति श्रद्धालु, ईश्वर में विश्वास रखने वाले, मेहमान प्रिय, बातचीत में प्रवीण तथा व्यवहार कुशल होते हैं। मध्यम कद और गौर वर्ण, सुन्दर घुंघराले केश, उन्नत नासिका, छोटे-छोटे दांत, पैनी आंखें और भव्य आकृति लिए हुए होते हैं। अधिकतर अपने आप में केन्द्रित रहते हैं। आर्थिक मामलों में लचीले, पारिवारिक जीवन इनका सुखी, समृद्धि के साथ पठन-पाठन में रुचि रखते हैं। आत्म विश्वास इनमें भरपूर होता है। जीवन में ये लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं। आयु का 34, 37, 42, 48, 52, 54 एवं 60वां साल महत्वपूर्ण माना जा सकता है। संतान के प्रति विशेष स्नेह तथा वृद्धावस्था में संतान सुख भी श्रेष्ठतर रहता है।
भविष्य फल
मीन राशि के महारथी शनि के अढ़ैया से प्रभावित रहे 14 नवम्बर 2011 से। इस वर्ष 2 नवम्बर 2014 के बाद निजात पा सकेंगे। बड़ी पीड़ा भोगी है, संघर्षों की। 19 जून, 2014 को जैसे ही राशि स्वामी गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, एक नये युग का सूत्रपात होगा। अनुकूलताएं दृष्टिगोचर होने लगेंगी। लम्बित कार्यों के समाधान से जातक राहत महसूस करेंगे। 4 फरवरी, 2014 से कन्या राशि में भ्रमण तथा अपनी सप्तम दृष्टि से निहारता भूमि पुत्र मंगल भूमि, भवन, वाहन के क्रय योग बनाता नजर आ रहा है। शुक्र के अनुग्रह से शहनाइयों की गूंज आपके जीवन में कर्णप्रिय लगेगी। तैयार हो जाइगा जीवन साथी के सान्निध्य के योग बनते नजर आ रहे हैं। शनि का अढ़ैया जाते-जाते चमत्कारों से साक्षात्कार करा सकता है। अप्रत्याशित घटनाएं घट सकती हैं, जो सुखद अथवा दुखद हो सकती है। कारण हर व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख की परिणिति उसकी जन्म कुण्डली के आधार पर घटती है। विद्यार्थी समुदाय के लिए यह वर्ष श्रेष्ठ रहेगा, क्योंकि राशि गुरु अपनी उच्च राशि में 19 जून, 2014 से भ्रमण करता नजर आयेगा। अखिल भारतीय सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठिये, हो सकता है वक्त का पैमाना आपको आईएएस, आईपीडी अथवा आईएफएस बना दे। पदोन्नति के आकांक्षी जातक तैयार रहें पदोन्नति के सुअवसर बनने लगे हैं। मई और नवम्बर के मध्य आपकी कामनापूर्ति अवश्य हो सकती है। नई सम्पत्ति की खरीद के मौके त्यागिए मत, भवन नहीं तो प्लाट ही खरीद लें। सुखों की सुगन्ध आपके अन्तर्मन को महका देगी। आपकी राशि का स्वामी गुरु आपको परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता नजर आएगा। अधिकार सम्पन्न व्यक्तियों का व्यवहार मीन राशि के जातकों के प्रति अनुकूलता प्रदान करता नजर आयेगा। राजनीति से जुड़े व्यक्ति पद लाभ प्राप्त करने तथा चुनावी वैतरणी में सफल हो सकते हैं, यदि अन्य ग्रहीय योग अनुकूल हुए तो।

पंडित पी एन भट्ट
अंतरराष्ट्रीय ज्योतिर्विद,
अंकशास्त्री एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ
संचालक : एस्ट्रो रिसर्च सेंटर
जी-4/4,जीएडी कॉलोनी, गोपालगंज, सागर (मप्र)
मोबाइल : 09407266609
फोन : 07582-227159, 07582-223168

रविवार, 8 दिसंबर 2013

जन जन के शिवराज सिंह चौहान



मध्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाने जा रही बीजेपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक सफल प्रशासक के साथ ही बेहद विनम्र और मिलनसार राजनेता के रूप में पहचाना जाता है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से 1972 में संपर्क में आए चौहान ने 1975 में आपातकाल के आंदोलन में भाग लिया और भोपाल जेल में निरूद्ध रहे. भाजयुमो के प्रांतीय पदों पर रहते हुए उन्होंने विभिन्न छात्र आंदोलनों में भी हिस्सा लिया.

शिवराज की हैट्रिक
उमा भारती और बाबूलाल गौर के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री के बतौर 29 नवंबर 2005 को पहली बार शपथ लेने वाले चौहान यहां लगातार दूसरी बार 2008 में भी मुख्यमंत्री रहे और पार्टी की घोषणा के अनुसार चौदहवीं विधानसभा में बहुमत पाकर सरकार में आने पर वह लगातार तीसरी बार इस पद की शपथ लेने जा रहे हैं.

1990 में पहली बार बने विधायक
चौहान वर्ष 1990 में पहली बार बुदनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे. इसके बाद 1991 में अटल बिहारी वाजपेयी ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से उन्होंने लखनऊ सीट को रखा था और विदिशा से इस्तीफा दे दिया था. विदिशा में पार्टी ने शिवराज को प्रत्याशी बनाया और वह वहां से पहली बार सांसद बने.

सीहोर जिले में हुआ जन्म
सीहोर जिले के जैत गांव में पांच मार्च 1959 को जन्मे 54 वर्षीय चौहान की संगीत, अध्यात्म, साहित्य एवं घूमने-फिरने में विशेष रूचि है. उनकी पत्नी साधना सिंह हैं और उनके दो पुत्र हैं. उनकी शैक्षणिक योग्यता कला संकाय से स्नातकोत्तर है.

कई अहम समितियों के सदस्य भी रहे
चौहान 1991-92 में अखिल भारतीय केसरिया वाहिनी के संयोजक और 1992 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने. वर्ष 1992 से 1994 तक बीजेपी के प्रदेश महासचिव नियुक्त होने के साथ ही वह वर्ष 1992 से 1996 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति, 1993 से 1996 तक श्रम और कल्याण समिति तथा 1994 से 1996 तक हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य रहे. ग्यारहवीं लोकसभा में वर्ष 1996 में वह विदिशा संसदीय क्षेत्र से दोबारा सांसद चुने गये. सांसद के रूप में 1996-97 में वह नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति, मानव संसाधन विकास विभाग की परामर्शदात्री समिति तथा नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य रहे.

विदिशा में शिवराज का जबरदस्त जनसमर्थन
वर्ष 1998 में वह विदिशा संसदीय क्षेत्र से ही तीसरी बार बारहवीं लोकसभा के सदस्य चुने गये. वह 1998-99 में प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे. 1999 में वह विदिशा से लगातार चौथी बार तेरहवीं लोकसभा के लिए एक बार फिर चुने गए और 1999-2000 में कृषि समिति के सदस्य तथा 1999-2001 में सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य रहे.

पार्टी की युवा इकाई को किया मजबूत
साल 2000 से 2003 तक भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पार्टी की युवा इकाई को मजबूत करने के लिए मेहनत की. इस दौरान वे सदन समिति (लोकसभा) के अध्यक्ष और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे. वह 2000 से 2004 तक संचार मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहने के साथ ही पांचवीं बार विदिशा से चौदहवीं लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए.

वह वर्ष 2004 में कृषि समिति, लाभ के पदों के विषय में गठित संयुक्त समिति के सदस्य, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव, बीजेपी संसदीय बोर्ड के सचिव, केन्द्रीय चुनाव समिति के सचिव और नैतिकता विषय पर गठित समिति के सदस्य और लोकसभा की आवास समिति के अध्यक्ष रहे.

2005 में बने सीएम
वर्ष 2005 में चौहान मध्यप्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष नियुक्त किए गए और उन्हें 29 नवंबर 2005 को उमा भारती और बाबूलाल गौर के बाद पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई.

विकास और स्वच्छ छवि के लिए लोकप्रिय

प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा के निर्वाचन में चौहान ने बीजेपी के स्टार प्रचारक की भूमिका का बखूबी निर्वहन कर पार्टी को लगातार दूसरी बार विजय दिलाई. उन्हें 10 दिसंबर 2008 को पार्टी के 143 सदस्यीय विधायक दल ने सर्वसम्मति से नेता चुना और उन्होंने 12 दिसंबर 2008 को भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित सार्वजनिक समारोह में मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की. विकास और स्वच्छ छवि के लिए मध्य प्रदेश की जनता में लोकप्रिय शिवराज ने लगातार तीसरी बार बीजेपी को जीत दिलाई है.